Sunday, February 5, 2012

Meri Kalam

चलती है कलम मेरी तेरे ज़ज्बात बयां करने,
लिखती है वो आखर ये जो तेरे अरमां को ज़ुबां देदे !
तू मुसाफिर है जो ठहरेगा न पल पर भी, 
चलते चलते ही मेरे शब्दों को बस अपनी इक निगाह देदे !!
© Ankita Jain

Ummid

जाने कब मेरे सपनो में मेरी नज़र लग जाती है,
आते आते ख़ुशी फिर धुंध में खो जाती है !
डर लगता है अब एक झपकी लेने में भी,
क्यूंकि आँखें बंद होते ही फिर कोई उम्मीद सपना बन जाती है !!
© Ankita Jain

Saturday, February 4, 2012

एक गुहार मेरे ख़ुदा से


मेरी किस्मत हाथों की लकीरों में है,
मगर किस्मत के फैसले मेरे हाथों में नहीं !
पसीना बहाना तो मेरे हाथों में है,
मगर उसकी कीमत मिलना मेरे हाथों में नहीं !
मैं हर रोज़ उस ख़ुदा से बस यही सवाल करती हूँ
कि जब सब कुछ तेरे ही हाथों में है तो,
मुझे मेरे हिस्से कि खुशियाँ मिलती क्यूँ नहीं !
अब बस कर यूँ मेरे सबर का इम्तेहान लेना,
वरना वो भरम बस टूट जायेगा 
         --""कि मेरा ख़ुदा उतना बुरा भी नहीं !!""
© Ankita Jain

Friday, February 3, 2012

ज़िन्दगी

हमने ज़िन्दगी से जितनी उम्मीदें लगायी,
ज़िन्दगी ने उतनी ही ठोकरें खिलाई !
कभी जो ठोकरों के डर उम्मीदों का दामन छोड़ना चाहा 
तो ख़याल आया कि ये ठोकरें ही तो हैं 
इस जीवन में "मेहनत कि कमाई" !! 
© Ankita Jain

Thursday, February 2, 2012

Uff ye ladake.....

काश आपकी शक्ल से आपकी उम्र का तकाज़ा कर पाते,
फिर आप हमसे पटेंगी या नहीं इसका अंदाज़ा कर पाते !
कुछ तो पहचान बनाइये कि हमे कुछ इशारा मिल जाये,
वर्ना हर बार इसे गलतफहमी है कहकर हम मार हैं खाते !


© Ankita Jain

Tuesday, February 8, 2011

हकीकत


आज  ज़िन्दगी  की  हकीकत से  एक  एसी  मुलाकात  हुई ,
मायने  समझा  दिए  जीने  के  जब  उसने  ये  बात  कही ....

वो  इन्द्रधनुष  या  पवन  गंगा 
हो  पर्वत  या  रंग  फूल  का ,
नैनों  के  इस  जोड़े  से  तुमने 
जीवन  के  हर  क्षण  को  देखा ,
क्या  सोचे  कभी  मायने  इनके???
ना  जाना  तो  पूछो  उनसे 
बिन  इनके  जिनकी  दुनिया  में  हर  लम्हा  काली  रात  रही ......
मायने  समझा  दिए  जीने  के  जब  उसने  ये  बात  कही ...


एक  आंसू  पर  जान  लुटा  दे 
माँ  रब  का  वो  रूप  है ,
घने  वृक्ष सी  छाया  दे 
वो  पिता  जहाँ  भी  धूप  है ,
बिन  उनके  क्या  होती  दुनिया 
न  मिले  जिन्हें  ये  पूछो  उनसे 
जिनकी  आँखों  में  खुशियों  को हर  पल  पूरी  करने  की  चाह   रही ......
मायने  समझा  दिए  जीने  के  जब  उसने  ये  बात  कही 

अब  क्यूँ  हो  उदास  ये  पूछो  खुद  से ???
क्या  नहीं  मिला  जो  माँगा  रब  से 
आज  हिला  दी  हर  जड़  मेरी  जाने  केसी  सच्चाई   कही 
मायने  समझा  दिए  जीने  के  जब  उसने   ये  बात  कही ....

Thursday, October 14, 2010

MAA....


उसकी  हर  धड़कन  में  होता  है  तुम्हारा  नाम ,
शायद  ही  कोई  लम्हा  ना  किया  हो  उसने  तुम्हारे  नाम .
अपने  आंसुओं  को  छुपाकर 
तुम्हारी  खुशियों  को  महकाया  है  उसने .
उसकी  दुनिया  में  होते  हैं  
सिर्फ  तुम्हारी  आँखों  के  सपने .
तुम्हारी  हंसी  की  किलकारियां 
महकाती  हैं  उसका  आँगन .
तुम्हारी  आँखों  के  आंसू  
भिगो  देते  हैं  उसका  मन .
वो  तो  होती  है  ममता  की  मूरत 
जिसकी  आँखों  में  होती   है ,
सिर्फ  तुम्हारी  सूरत .
तुम्हारी  फर्मायिशों   से  बढ़कर 
ना  समझा  कभी  कोई  दूसरा  काम 
उसकी  हर  धड़कन  में  होता  है  सिर्फ  तुम्हारा  नाम …………………….

तुम्हारी  गल्तियों  पर  वो  नाराज़  भी  होती  है ,
पर  तुम्हे  रुलाकर  चुपके   से  खुद  भी  रोती  है 
जाते  ही  तुम्हारे  नज़र  उसकी ,
द्वार  पर  होती  है .
और  वापसी  की  खबर  से ,
उसकी  खुशियाँ  दुगनी  होती  हैं .
हर  दुःख  से  परे  होता  है 
माँ  का  आँचल .
तुम्हारी  आँखों  की  चमक  होती  है 
उसकी  आँखों  का  काजल .
तुम्हारी  एक  मुस्कराहट  होती  है 
उसका  मुकाम  
उसकी  हर  धड़कन  में  होता  है  सिर्फ  तुम्हारा  नाम …………………