आज ज़िन्दगी की हकीकत से एक एसी मुलाकात हुई ,
मायने समझा दिए जीने के जब उसने ये बात कही ....
वो इन्द्रधनुष या पवन गंगा
हो पर्वत या रंग फूल का ,
नैनों के इस जोड़े से तुमने
जीवन के हर क्षण को देखा ,
क्या सोचे कभी मायने इनके???
ना जाना तो पूछो उनसे
बिन इनके जिनकी दुनिया में हर लम्हा काली रात रही ......
मायने समझा दिए जीने के जब उसने ये बात कही ...
एक आंसू पर जान लुटा दे
माँ रब का वो रूप है ,
घने वृक्ष सी छाया दे
वो पिता जहाँ भी धूप है ,
बिन उनके क्या होती दुनिया
न मिले जिन्हें ये पूछो उनसे
जिनकी आँखों में खुशियों को हर पल पूरी करने की चाह रही ......
मायने समझा दिए जीने के जब उसने ये बात कही
अब क्यूँ हो उदास ये पूछो खुद से ???
क्या नहीं मिला जो माँगा रब से
आज हिला दी हर जड़ मेरी जाने केसी सच्चाई कही
मायने समझा दिए जीने के जब उसने ये बात कही ....
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